Cervical radiculopathy
सरवाइकल रेडिकुलोपैथी एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्दन में तंत्रिका जड़ दब जाती है, जिससे गर्दन, कंधे, बांह और हाथ में दर्द, सुन्नता और कमजोरी जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। यह आमतौर पर हर्नियेटेड डिस्क या सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस से उत्पन्न हड्डी के स्पर्स के कारण होता है। उपचार प्रायः रूढ़िवादी होता है, जिसमें दर्द निवारक दवाइयां और फिजियोथेरेपी शामिल होती है, हालांकि गंभीर मामलों में सर्जरी भी आवश्यक हो सकती है। लक्षण दर्द: यह गर्दन, कंधे, बांह या हाथ में हो सकता है। सुन्न होना: प्रभावित तंत्रिका द्वारा आपूर्ति किये जाने वाले क्षेत्रों में संवेदना का नुकसान। मांसपेशियों में कमजोरी: तंत्रिका द्वारा नियंत्रित मांसपेशियों में शक्ति की कमी। कम हुई सजगता: एक प्रतिवर्ती प्रतिक्रिया जो सामान्य से कम होती है। चुभन: झुनझुनी या चुभन जैसी अनुभूति। कारण हर्नियेटेड डिस्क: जब डिस्क का नरम केंद्र बाहरी परत में किसी दरार के माध्यम से बाहर की ओर धकेलता है, तो यह तंत्रिका मूल को संकुचित कर सकता है। सर्विकल स्पॉन्डिलाइसिस: एक अपक्षयी स्थिति जिसमें गठिया के कारण अस्थि स्पर्स का निर्माण होता है और वह स्थान संकीर्ण हो जाता है जहां तंत्रिका जड़ें रीढ़ से बाहर निकलती हैं। अन्य कारण: आघात, या तंत्रिका जड़ों को प्रभावित करने वाले अन्य घाव भी इसका कारण हो सकते हैं।